Q1. लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण का अर्थ, अवधारणा और महत्व का वर्णन कीजिए।
- लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण शक्ति, कार्य और संसाधन स्थानीय स्वशासन निकायों को हस्तांतरित करता है।
- इसका उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया में नागरिकों की सीधी भागीदारी बढ़ाना है।
- अवधारणा 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों (1992) के माध्यम से भारत में साकार हुई।
- यह केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय का माध्यम है।
Answer: लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, शासन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण पहलू है जहाँ शक्ति, कार्य और संसाधन उच्च स्तर की सरकारों से स्थानीय स्वशासन निकायों को हस्तांतरित किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया में नागरिकों की सीधी भागीदारी को बढ़ावा देना और शासन को जमीनी स्तर तक पहुँचाना है। यह केवल प्रशासनिक कार्यों का प्रत्यायोजन नहीं है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर वास्तविक लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण पर केंद्रित है। **अर्थ (Meaning):** लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का अर्थ है सत्ता का फैलाव ...