Q1. शांति क्या है? व्याख्या कीजिए।
- शांति केवल संघर्ष की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि न्याय, सद्भाव और मानवीय गरिमा की उपस्थिति है।
- गांधीजी ने 'नकारात्मक शांति' (हिंसा की अनुपस्थिति) और 'सकारात्मक शांति' (न्याय की उपस्थिति) में भेद किया।
- सकारात्मक शांति में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय का उन्मूलन और शोषण की समाप्ति शामिल है।
- गांधीवादी शांति व्यक्ति की आंतरिक 'आत्मिक शांति' से शुरू होती है, जो सत्य और अहिंसा पर आधारित है।
Answer: शांति एक जटिल और बहुआयामी अवधारणा है, जिसकी व्याख्या संदर्भ के अनुसार भिन्न हो सकती है। सामान्य शब्दों में, शांति को संघर्ष, हिंसा या युद्ध की अनुपस्थिति के रूप में समझा जाता है। हालांकि, गांधीवादी दृष्टिकोण में, शांति केवल नकारात्मक स्थिति नहीं है बल्कि यह एक सक्रिय, गतिशील और रचनात्मक प्रक्रिया है जो न्याय, सद्भाव, समानता और मानवीय गरिमा की उपस्थिति पर आधारित है। गांधीजी ने शांति को केवल बाहरी संघर्षों की अनुपस्थिति से कहीं अधिक व्यापक माना। उन्होंने 'नकारात्मक शांति' और 'सकारात्मक शांति' के ...