Q1. गुणात्मक अनुसंधान की ज्ञानमीमांसा और विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
- गुणात्मक अनुसंधान की ज्ञानमीमांसा व्याख्यात्मकता और निर्माणवाद पर आधारित है।
- यह ज्ञान को संदर्भ-आधारित और व्यक्तिपरक मानता है, वस्तुनिष्ठ सत्य नहीं।
- प्राकृतिक सेटिंग और शोधकर्ता को प्राथमिक उपकरण के रूप में उपयोग करता है।
- आगमनात्मक तर्क का उपयोग करता है, जहाँ सिद्धांत डेटा से उभरते हैं।
Answer: गुणात्मक अनुसंधान, सामाजिक विज्ञान में जाँच का एक महत्वपूर्ण तरीका है, जो मानव अनुभवों, विचारों और व्यवहारों की गहन समझ प्राप्त करने पर केंद्रित है। यह संख्याओं और आँकड़ों के बजाय अर्थ, संदर्भ और व्याख्या पर जोर देता है। इसकी ज्ञानमीमांसा और विशेषताएँ इसे मात्रात्मक अनुसंधान से स्पष्ट रूप से अलग करती हैं। गुणात्मक अनुसंधान की **ज्ञानमीमांसा (Epistemology)** मुख्य रूप से व्याख्यात्मकता (Interpretivism) और निर्माणवाद (Constructivism) पर आधारित है। यह इस विचार पर केंद्रित है कि सामाजिक वास्तविकता ...