Q1. भारत में विविधता में एकता की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए। विविधता के प्रमुख स्वरूपों और भारतीय समाज के भीतर मौजूद एकता के प्रमुख बंधनों पर चर्चा कीजिए।
- भारत में 'विविधता में एकता' विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक समूहों के सह-अस्तित्व को दर्शाती है।
- प्रमुख विविधताएँ: भौगोलिक, भाषाई (22 संवैधानिक भाषाएँ), धार्मिक (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई आदि), जातीय और सामाजिक-सांस्कृतिक।
- भारतीय संविधान, समान नागरिकता और कानून का शासन भारत की एकता के प्रमुख संवैधानिक बंधन हैं।
- साझा स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय प्रतीक और लोकतांत्रिक मूल्य राष्ट्रीय पहचान व सामंजस्य को सुदृढ़ करते हैं।
Answer: भारत 'विविधता में एकता' की अवधारणा का एक अद्वितीय और जीवंत उदाहरण है, जहाँ विभिन्न संस्कृतियों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक समूहों के लोग एक एकीकृत राष्ट्र के रूप में सह-अस्तित्व में हैं। यह अवधारणा इस बात पर ज़ोर देती है कि गहरी भिन्नताओं और बहुलताओं के बावजूद, एक अंतर्निहित सामंजस्य, साझा पहचान और राष्ट्रीय चेतना मौजूद है जो भारतीय समाज को एकजुट रखती है। यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की एक ऐतिहासिक विशेषता है। **विविधता के प्रमुख स्वरूप** भारतीय समाज में विविधता कई स्तरों पर परिलक्...