Q1. सामाजिक परिवर्तन को समझने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों की चर्चा कीजिए।
- सामाजिक परिवर्तन सामाजिक संरचनाओं, मानदंडों और व्यवहारों में समय के साथ बदलाव है।
- उद्विकासीय दृष्टिकोण: समाज सरल से जटिल चरणों में रेखीय रूप से विकसित होता है (कॉम्टे, स्पेंसर)।
- चक्रीय दृष्टिकोण: समाज उत्थान और पतन के निश्चित चक्रों से गुजरता है (सोरोकिन, स्पेंगलर)।
- प्रकार्यात्मक दृष्टिकोण: समाज संतुलन बनाए रखने हेतु धीरे-धीरे अनुकूलन व विभेदीकरण द्वारा बदलता है (दुर्खीम, पार्सन्स)।
Answer: सामाजिक परिवर्तन समाजशास्त्र के केंद्रीय विषयों में से एक है, जो समय के साथ सामाजिक संरचनाओं, मानदंडों, मूल्यों और व्यवहारों में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों को संदर्भित करता है। इन परिवर्तनों को समझने के लिए समाजशास्त्रियों ने विभिन्न सैद्धांतिक दृष्टिकोण विकसित किए हैं, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अनूठी अंतर्दृष्टि और सीमाएँ हैं। ये दृष्टिकोण हमें यह विश्लेषण करने में मदद करते हैं कि समाज कैसे विकसित होता है, स्थिर रहता है या बदलता है। **1. उद्विकासीय दृष्टिकोण (Evolutionary Perspective)** उद...