Q1.(क). अधोलिखित प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
- (i)) वेद शब्द का अर्थ स्पष्ट करते हुए वैदिक संहिताओं का विस्तारपूर्वक वर्णन करें। (500 words)
- (ii)) ब्राह्मण शब्द का अर्थ बताते हुए उनका प्रतिपाद्य विषय और महत्व का विस्तारपूर्वक वर्णन करें। (500 words)
- (iii)) सप्तांग सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए उसके प्रत्येक अवयव की कार्यपद्धत्ति को स्पष्ट कीजिए। (500 words)
- (iv)) आरण्यक का परिचय देते हुए वेदों के अरण्यकों पर प्रकाश डालें। (500 words)
- (v)) वेदों के अंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन करें। (500 words)
- (vi)) भारतीय समाजिक संस्थाएं कौन-कौन सी हैं? विस्तृत रूप से प्रकाश डालें। (500 words)
- वेद 'ज्ञान' अर्थ वाले 'विद्' धातु से व्युत्पन्न हैं; चार संहिताएँ (ऋक्, यजु, साम, अथर्व) वैदिक ज्ञान का मूल हैं।
- ब्राह्मण ग्रंथ वैदिक यज्ञों, अनुष्ठानों की विधि-विधानों और उनके गूढ़ अर्थों की व्याख्या करते हैं, कर्मकांडीय महत्व रखते हैं।
- सप्तांग सिद्धांत राज्य के सात अनिवार्य अंग (स्वामी, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, दंड, मित्र) और उनके कार्यों का वर्णन करता है।
- आरण्यक वन में पढ़े जाने वाले ग्रंथ हैं, जो ब्राह्मणों के कर्मकांड से उपनिषदों के ज्ञानकांड के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
Answer: