Q1. Write a note on the history and relevance of 'Ethics'. Or Discuss in detail the major criticisms against Kantian deontology.
- नीतिशास्त्र सही-गलत, सद्गुण-दुष्टता से संबंधित दार्शनिक शाखा है।
- प्राचीन यूनान में सद्गुण नैतिकता (अरस्तू) और मध्ययुग में धार्मिक नैतिकता (ईश्वरीय आदेश) प्रमुख थी।
- आधुनिक काल में कांट का कर्तव्यशास्त्र और मिल का उपयोगितावाद प्रमुख नैतिक सिद्धांत थे।
- नीतिशास्त्र व्यक्तिगत नैतिक निर्णय, चरित्र विकास और ‘अच्छे जीवन’ के लिए महत्वपूर्ण है।
Answer: नीतिशास्त्र (Ethics) दर्शनशास्त्र की वह शाखा है जो सही और गलत आचरण, सद्गुण और दुष्टता, न्याय और अन्याय के अवधारणाओं को व्यवस्थित करने, उनका बचाव करने और उन्हें प्रस्तावित करने से संबंधित है। यह मनुष्य के आचरण का मूल्यांकन करता है और यह समझने का प्रयास करता है कि 'हमें कैसे जीना चाहिए' या 'अच्छा जीवन क्या है'। नीतिशास्त्र का इतिहास मानव सभ्यता के समान ही प्राचीन है, जिसकी जड़ें विभिन्न संस्कृतियों और दार्शनिक परंपराओं में गहरी हैं। प्राचीन यूनान में, सुकरात, प्लेटो और अरस्तू जैसे दार्शनिकों ने ...