Q1. भारतीय संविधान की मौलिक विशेषताओं की व्याख्या कीजिए। ये विशेषताएँ भारतीय राज्य के लोकतांत्रिक स्वरूप को कैसे परिभाषित करती हैं?
- प्रस्तावना भारत को संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करती है, जो इसके मूल लोकतांत्रिक आदर्श हैं।
- संसदीय शासन प्रणाली कार्यपालिका की विधायिका के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करती है, जिससे प्रतिनिधि लोकतंत्र मजबूत होता है।
- मौलिक अधिकार नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राजनीतिक भागीदारी के लिए आवश्यक सिविल स्वतंत्रताएँ प्रदान करते हैं।
- राज्य के नीति निदेशक तत्व सामाजिक-आर्थिक न्याय के लक्ष्य रखते हैं, राजनीतिक लोकतंत्र को सार्थक बनाते हुए कल्याणकारी राज्य का आधार हैं।
Answer: भारतीय संविधान, जैसा कि BPSC-102 पाठ्यक्रम में विस्तृत रूप से चर्चा की गई है, केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि एक दूरदर्शी सामाजिक-राजनीतिक खाका है। इसकी मौलिक विशेषताएँ भारतीय राज्य के लोकतांत्रिक स्वरूप की आधारशिला हैं, जो देश की विविधता और आकांक्षाओं को दर्शाती हैं। ये विशेषताएँ भारत को एक अद्वितीय संवैधानिक लोकतंत्र बनाती हैं। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में निहित आदर्श – संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य – इसके मूल चरित्र को परिभाषित करते हैं। संप्रभुता भारत को आंतरिक...