Q1. संविधान (तिहत्तरवां संशोधन) अधिनियम, 1992 की प्रमुख विशेषताओं को उजागर कीजिए।
- पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।
- ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर त्रि-स्तरीय प्रणाली अनिवार्य की गई।
- ग्राम सभा को पंचायती राज प्रणाली की आधारशिला के रूप में स्थापित किया गया।
- सभी स्तरों पर सदस्यों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव और 5 वर्ष का निश्चित कार्यकाल।
Answer: संविधान (तिहत्तरवां संशोधन) अधिनियम, 1992, भारत में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के इतिहास में एक मील का पत्थर है, जिसने इन्हें संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को एक प्रभावी तंत्र के रूप में स्थापित करना था। यह अधिनियम 24 अप्रैल, 1993 को लागू हुआ, जिससे ग्रामीण स्थानीय निकायों को अनिवार्य और बाध्यकारी प्रावधानों के तहत कार्य करने की शक्ति मिली। इस अधिनियम की एक प्रमुख विशेषता त्रि-स्...