Q1. जापान में शास्त्रीय काल की महत्वपूर्ण विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।
- जापान का शास्त्रीय काल नारा (710-794) और हियान (794-1185) अवधियों को संदर्भित करता है।
- चीन के तांग मॉडल पर आधारित रित्सुरयो प्रणाली से केंद्रीकृत राजव्यवस्था का विकास हुआ।
- फुजिवारा कबीले ने हियान काल में सम्राट की तुलना में वास्तविक राजनीतिक शक्ति पर नियंत्रण रखा।
- बौद्ध धर्म राज्य-संरक्षित धर्म था, जिसने कला, वास्तुकला और साहित्य को गहरा प्रभावित किया।
Answer: जापान का शास्त्रीय काल मुख्य रूप से नारा (710-794 ईस्वी) और हियान (794-1185 ईस्वी) अवधियों को संदर्भित करता है। यह वह समय था जब जापान ने चीनी संस्कृति और राजनीतिक मॉडल को बड़े पैमाने पर आत्मसात किया, लेकिन साथ ही अपनी विशिष्ट पहचान और कलात्मक परंपराओं को भी विकसित किया। इस काल ने बाद के जापानी इतिहास के लिए एक मजबूत नींव रखी। शास्त्रीय काल की एक महत्वपूर्ण विशेषता केंद्रीकृत राजव्यवस्था का विकास था। चीन के तांग राजवंश से प्रभावित होकर, जापान ने 'रित्सुरयो' प्रणाली को अपनाया, जिसमें सम्राट को सर...