Q1. निम्नलिखित गद्यांशों की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए।
- (क)) व्यंग्य और क्रोध में आग और तेल का संबंध है। व्यंग्य हृदय को इस प्रकार विदीर्ण कर देता है जैसे छैनी बर्फ के टुकड़े को। सुमन क्रोध से विह्वल होकर बोली–अच्छा तो जबान संभालो, बहुत हो चुका। घंटे–भर से मुँह में जो अनाप-शनाप आता है, बकते जाते हो। मैं तरह देती जाती हूँ, उसका यह फल है। मुझे कोई कुलटा समझ लिया है। (300 words)
- (ख)) नीतिशास्त्र और साहित्यशास्त्र का लक्ष्य एक ही है–केवल उपदेश की विधि में अंतरहै। नीतिशास्त्र तर्कों और उपदेशों के द्वारा बुद्धि और मन पर प्रभाव डालने का प्रयत्न करता है, साहितय ने अपने लिए मानसिक अवस्थाओं और भावों का क्षेत्र चुन लिया है। हम जीवन में जो कुछ देखते हैं या जो कुछ हम पर गुजरती है, वही अनुभव और वही चोटें कल्पना में पहुँकर साहित्य सृजन की प्रेरणा करती हैं। कवि या साहित्यकार में अनुभूति की जितनी तीव्रता होती है, उसकी रचना उतनी ही आकर्षक और ऊँचे दर्जे की होती है। (300 words)
- (ग)) अब बस्ती घनी होने लगी। ईदगाह जानेवालों की टोलियाँ नजर आने लगी। एक से एक भड़कीले वस्त्र पहने हुए। कोई इक्के-ताँगे पर सवार, कोई मोटर पर, सभी इत्र में बसे, सभी के दिलों में उमंग। ग्रामीणों का यह छोटा-सा दल अपनी विपन्नता से बेखबर, सन्तोष ओर धैर्य में मगन चला जा रहा था। बच्चों के लिए नगर की सभी चीजें अनोखी थीं। जिस चीज की ओर ताकते, ताकते ही रह जाते और पीछे से बार-बार हार्न की आवाज होने पर भी न चेतते। हामिद तो मोटर के नीचे जाते-जाते बचा। (300 words)
- (घ)) बिरला ही कोई भला आदमी होगा, जिसके सामने बुढ़िया ने दुःख के आँसू न बहाये हों। किसी ने तो यों ही ऊपरी मन से हूँ-हाँ करके टाल दिया, और किसी ने इस अन्याय पर जमाने को गालियाँ दीं ! कहा-कब्र में पाँव लटके हुए हैं, आज मरे कल दूसरा दिन; पर हवस नहीं मानती। अब तुम्हें क्या चाहिए ? रोटी खाओ और अल्लाह का नाम लो। तुम्हें अब खेती-बारी से क्या काम है ? कुछ ऐसे सज्जन भी थे, जिन्हें हास्य–रस के रसास्वादन का अच्छा अवसर मिला। (300 words)
- प्रेमचंद के 'सेवासदन' में सुमन का संवाद नारी के स्वाभिमान और अन्याय के प्रति प्रतिरोध को दर्शाता है।
- प्रेमचंद के अनुसार साहित्य और नीतिशास्त्र का लक्ष्य समान है, पर साहित्य भावों से हृदय पर प्रभाव डालता है।
- अनुभूति की तीव्रता साहित्य को आकर्षक बनाती है; जीवन के अनुभव साहित्य सृजन की प्रेरणा हैं।
- 'ईदगाह' कहानी में ग्रामीण बच्चों की सरलता और शहरी जीवन का contrast मार्मिक रूप से चित्रित है।
Answer: प्रेमचंद हिंदी साहित्य के यथार्थवादी लेखक थे जिन्होंने समाज के विभिन्न पहलुओं, विशेषकर ग्रामीण जीवन, किसानों की दुर्दशा, नारी की स्थिति और सामाजिक कुरीतियों को अपनी रचनाओं का विषय बनाया। उनकी कहानियाँ और उपन्यास केवल मनोरंजन नहीं करते बल्कि पाठक को विचार करने और समाज में बदलाव लाने के लिए प्रेरित भी करते हैं। प्रस्तुत गद्यांश उनके लेखन के विभिन्न आयामों को दर्शाते हैं, चाहे वह मानवीय संबंधों की जटिलता हो, साहित्य का उद्देश्य हो या सामाजिक यथार्थ का चित्रण।