Q1. निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी के सभी प्रश्नों का उत्तर दीजिये। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में देना है। गणितीय प्रश्नों के संबंध में शब्द सीमा लागू नहीं होगी। प्रत्येक प्रश्न 20 अंक का है।
- क)) उपभोक्ता संतुलन की लेग्रान्जियन संरचना में आय की सीमांत उपयोगिता क्या भूमिका अदा करती है? (500 words)
- ख)) नीचे दिये उपभोक्ता के उपयोगित फलन पर विचार करें: u(x1, x2) = 300 + √x₁ + X2 वस्तु x₁ तथा x2 की कीमत क्रमशः P₁ तथा P₂ तथा उपभोक्ता की आय M मानते हुए x₁ तथा x2 उपभोग की वस्तुओं के अनुकूलतम चयन का निर्धारण करें। (Not Applicable)
- लेग्रान्जियन विधि उपयोगिता फलन को बजट बाधा के अधीन अधिकतम करने का एक गणितीय तरीका है।
- लैग्रेंज मल्टीप्लायर (λ) आय की सीमांत उपयोगिता को दर्शाता है, यानी आय में एक इकाई वृद्धि से उपयोगिता में बदलाव।
- यह बजट बाधा की छाया कीमत है और बताता है कि उपभोक्ता अपनी आय से कितना विवश है।
- अनुकूलतम बिंदु पर, प्रत्येक वस्तु पर खर्च किए गए अंतिम रुपये से प्राप्त सीमांत उपयोगिता λ के बराबर होनी चाहिए।
Answer: उपभोक्ता संतुलन आर्थिक सिद्धांत का एक मौलिक सिद्धांत है जो यह बताता है कि एक उपभोक्ता अपनी सीमित आय और वस्तुओं की दी गई कीमतों के साथ अपनी उपयोगिता को कैसे अधिकतम करता है। लेग्रान्जियन विधि इस समस्या को हल करने के लिए एक शक्तिशाली गणितीय उपकरण है, जिसमें आय की सीमांत उपयोगिता (लैग्रेंज मल्टीप्लायर) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह हमें यह समझने में मदद करती है कि आय में एक इकाई परिवर्तन से उपभोक्ता की अधिकतम प्राप्त करने योग्य उपयोगिता में कितना बदलाव आएगा, और यह इष्टतम उपभोग बंडल तक पहुंचने क...