Q1. पुरातत्व मानवविज्ञान क्या है? भारत में प्रागैतिहासिक पुरातत्व के विकास के इतिहास का वर्णन कीजिए।
- पुरातत्व मानवविज्ञान: अतीत के मानव समाजों और संस्कृतियों का भौतिक अवशेषों के माध्यम से वैज्ञानिक अध्ययन।
- रॉबर्ट ब्रूस फुट: 1863 में पल्लवरम में पुरापाषाण उपकरण खोजे, 'भारतीय प्रागितिहास के जनक' माने जाते हैं।
- प्रारंभिक विकास: ब्रिटिश प्रशासकों और भूवैज्ञानिकों (GSI) द्वारा खोज, पहचान और वर्गीकरण पर केंद्रित।
- स्वतंत्रता के बाद: एच.डी. संकालिया, ASI और विश्वविद्यालयों द्वारा व्यवस्थित उत्खनन और क्षेत्रीय अध्ययन को बढ़ावा।
Answer: पुरातत्व मानवविज्ञान, मानवविज्ञान की एक महत्वपूर्ण उपशाखा है जो पुरातात्विक विधियों के माध्यम से अतीत के मानव समाजों और संस्कृतियों का अध्ययन करती है। यह मुख्य रूप से उन भौतिक अवशेषों, जैसे उपकरण, बस्तियाँ, वास्तुकला, कलाकृतियाँ और पर्यावरणीय डेटा के विश्लेषण पर केंद्रित है, जिन्हें मनुष्य ने अपने पीछे छोड़ा है। इसका उद्देश्य इन अवशेषों का उपयोग करके प्राचीन मानव व्यवहार, जीवन शैली, सामाजिक संगठन और सांस्कृतिक विकास को पुनर्निर्मित करना और समझना है। यह शाखा मानव के सांस्कृतिक विकास के लंबे इतिह...