Q1. 'अनुवाद' और 'Translation' शब्द की व्युत्पत्ति एवं अर्थ स्पष्ट करते हुए अनुवाद के व्यापक एवं सीमित संदर्भ पर प्रकाश डालिए।
- अनुवाद संस्कृत के 'अनु' (बाद/दुबारा) और 'वद्' (बोलना) से बना है, जिसका अर्थ 'कही बात को फिर से कहना' है.
- Translation लैटिन के 'trans' (पार) और 'latum' (ले जाना) से व्युत्पन्न है, जिसका अर्थ 'एक पार ले जाना' है.
- दोनों शब्द आधुनिक संदर्भ में एक भाषा से दूसरी में संदेश के स्थानांतरण को संदर्भित करते हैं.
- अनुवाद का व्यापक संदर्भ अंतर-संकेतात्मक रूपांतरण (जैसे उपन्यास का फिल्म में बदलना) और सांस्कृतिक स्थानांतरण को शामिल करता है.
Answer: अनुवाद और Translation दोनों शब्द भाषाई और सांस्कृतिक स्थानांतरण की अवधारणा को व्यक्त करते हैं, लेकिन उनकी व्युत्पत्ति और संदर्भ अलग-अलग आयामों को दर्शाते हैं। इन शब्दों की जड़ें विभिन्न भाषाओं में हैं, जो इनके अर्थों को समझने में महत्वपूर्ण हैं। **'अनुवाद' शब्द की व्युत्पत्ति एवं अर्थ** हिंदी शब्द 'अनुवाद' संस्कृत भाषा से व्युत्पन्न हुआ है। यह दो घटकों – उपसर्ग 'अनु' और धातु 'वद्' – के मेल से बना है। 'अनु' का अर्थ 'पीछे', 'पश्चात' या 'दुबारा' होता है, जबकि 'वद्' का अर्थ 'बोलना' या 'कहना' है। इ...