Q1. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 300-300 शब्दों में दीजिए :
- (क)) सिंधी और हिंदी की लिंग व्यवस्था की तुलना कीजिए। (300 words)
- (ख)) सिंधी भाषा और साहित्य पर संस्कृत की परंपरा के प्रभाव का वर्णन कीजिए। (300 words)
- हिंदी में पुल्लिंग और स्त्रीलिंग दो लिंग होते हैं, नपुंसक लिंग का अभाव।
- सिंधी में भी पुल्लिंग (नरु) और स्त्रीलिंग (मादी) दो लिंग होते हैं, नपुंसक लिंग नहीं।
- दोनों भाषाओं में संज्ञाओं, विशेषणों और क्रियाओं में लिंग-आधारित संगति होती है।
- सिंधी शब्दावली में संस्कृत के तत्सम (अपरिवर्तित) और तद्भव (विकसित) शब्द प्रचुर मात्रा में हैं।
Answer: सिंधी और हिंदी दोनों ही भारतीय-आर्य भाषाएँ हैं, जिनकी जड़ें संस्कृत में निहित हैं। इनकी तुलना और परस्पर प्रभाव का अध्ययन भाषाविज्ञान और साहित्य के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों भाषाओं की लिंग व्यवस्था और संस्कृत परंपरा के प्रभाव को गहराई से समझने से इनके विकास और संरचनात्मक विशेषताओं पर प्रकाश पड़ता है। यह तुलना भाषा अनुवाद के सिद्धांतों को समझने में भी सहायक होती है, विशेषकर जब लिंग-आधारित अनुवाद चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सिंधी साहित्य और भाषा पर संस्कृत का गहरा और व्यापक प्...