Q1. बौद्ध साहित्य को स्पष्ट करते हुए उसके महत्व को विस्तृत रूप से प्रकाश डालें।
- बौद्ध साहित्य मुख्यतः पाली (त्रिपिटक) व संस्कृत (महायान सूत्र) में है, बुद्ध के उपदेशों व दर्शन का संग्रह।
- त्रिपिटक में विनय पिटक (नियम), सुत्त पिटक (उपदेश), अभिधम्म पिटक (दर्शन) शामिल हैं।
- सुत्त पिटक में धम्मपद व जातक कथाएँ हैं, जो नैतिक शिक्षा व बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालती हैं।
- महायान साहित्य में प्रज्ञापारमिता व सद्धर्मपुण्डरीक सूत्र शून्यता व बुद्धत्व पर केंद्रित हैं।
Answer: बौद्ध साहित्य, जिसे ‘त्रिपिटक’ के नाम से भी जाना जाता है, बौद्ध धर्म के सिद्धांतों, बुद्ध के उपदेशों, भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए बनाए गए नियमों और बौद्ध दर्शन के गहन विश्लेषण का एक विशाल संग्रह है। यह साहित्य केवल धार्मिक ग्रंथों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें इतिहास, संस्कृति, दर्शन, मनोविज्ञान और नीतिशास्त्र का भी अद्भुत समावेश है। बौद्ध साहित्य का आरंभ महात्मा बुद्ध के परिनिर्वाण के पश्चात् उनके शिष्यों द्वारा उपदेशों के संग्रह से हुआ। इसका मुख्य भाग पाली भाषा में रचित ‘त्रिपिटक’ है, जो थेर...