Q1. दर्शन का अर्थ, प्रमुख प्रवृत्तियाँ एवं प्रयोजन को स्पष्ट कीजिये ।
- दर्शन: 'देखना' या सत्य का प्रत्यक्ष साक्षात्कार, केवल बौद्धिक चिंतन नहीं अपितु अनुभवात्मक ज्ञान।
- मुख्य लक्ष्य: दुःख की आत्यंतिक निवृत्ति और मोक्ष/आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति।
- प्रमुख प्रवृत्ति: आध्यात्मिक झुकाव, आत्मा, परमात्मा और जीवन के परम उद्देश्य पर केंद्रित।
- कर्म सिद्धांत: कर्म और पुनर्जन्म पर विश्वास, नैतिक व्यवहार और सार्वभौमिक न्याय का आधार।
Answer: भारतीय दर्शन, जिसे प्रायः 'दर्शनशास्त्र' कहा जाता है, मानव जीवन के परम सत्य, उसके अस्तित्व और ब्रह्मांड के मूलभूत सिद्धांतों को समझने का एक गंभीर एवं समग्र प्रयास है। यह केवल बौद्धिक चिंतन या तार्किक विश्लेषण तक सीमित नहीं है, बल्कि 'दृश्' धातु से उत्पन्न 'दर्शन' शब्द का अर्थ है 'देखना' या 'साक्षात्कार करना', जो सत्य की प्रत्यक्ष अनुभूति पर बल देता है। यह आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि और गहन अनुभवात्मक ज्ञान की प्राप्ति का मार्ग है, जिसका अंतिम लक्ष्य मोक्ष या आत्म-साक्षात्कार है। भारतीय दर्शन पाश्चा...