Q1. मीरालहरी काव्य के द्वितीय खण्ड के कथानक का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
- द्वितीय खण्ड मीराबाई के राणा के महल में भक्ति संघर्ष को दर्शाता है।
- राणा और ससुराल पक्ष द्वारा मीरा की भक्ति का कठोर विरोध मुख्य कथानक है।
- विषपान की घटना में मीरा ने कृष्ण नाम स्मरण करते हुए विष को अमृत समझा।
- सर्प-प्रेषण में सर्प के स्थान पर कृष्ण प्रतिमा या फूल मिलना दैवीय रक्षा का प्रतीक है।
Answer: मीरालहरी काव्य, आधुनिक संस्कृत साहित्य की एक महत्वपूर्ण कृति है, जो भक्त मीराबाई के भक्तिमय जीवन और संघर्षों को कवि के हृदयस्पर्शी शब्दों में प्रस्तुत करती है। यह काव्य खंडों में विभक्त है, और प्रस्तुत प्रश्न द्वितीय खण्ड के कथानक तथा उसके उदाहरणों पर केंद्रित है। प्रथम खण्ड में मीराबाई के बाल्यकाल, कृष्ण के प्रति उनके प्रारंभिक आकर्षण, विवाह और मेवाड़ आगमन का वर्णन किया गया होगा। द्वितीय खण्ड का कथानक मुख्य रूप से मेवाड़ में मीरा के जीवन के कठिन दौर, उनके ससुराल पक्ष द्वारा उनकी भक्ति पर लगाई ...