Q1. यूरोपीय क्षेत्रीय एकीकरण की व्याख्या करने वाले सिद्धांतों का परीक्षण कीजिए।
- प्रकार्यवाद: तकनीकी सहयोग से राजनीतिक एकीकरण की ओर अग्रसर होना (डेविड मित्रानी)।
- नव-प्रकार्यवाद: अधिराष्ट्रीय संस्थाओं और स्पिलओवर (कार्यात्मक, राजनीतिक, खेती-किसानी) के माध्यम से एकीकरण (अर्नस्ट हास)।
- अंतर-सरकारीवाद: राष्ट्रीय सरकारों को एकीकरण का प्राथमिक चालक मानता है, राष्ट्रीय हितों पर आधारित (स्टैनली हॉफमैन)।
- उदारवादी अंतर-सरकारीवाद: घरेलू प्राथमिकताओं और अंतर-सरकारी सौदेबाजी पर जोर देता है (एंड्रयू मोराव्सिक)।
Answer: यूरोपीय क्षेत्रीय एकीकरण को समझने के लिए कई प्रमुख सैद्धांतिक दृष्टिकोण हैं, जो यूरोपियन यूनियन (EU) के अद्वितीय विकास की व्याख्या करते हैं। ये सिद्धांत एकीकरण की प्रक्रिया में विभिन्न अभिनेताओं, शक्तियों और प्रेरक शक्तियों पर जोर देते हैं, जिससे EU के जटिल उद्भव और विकास को समझा जा सकता है। **1. प्रकार्यवाद (Functionalism)** प्रकार्यवाद, जिसका मुख्य प्रतिपादक डेविड मित्रानी हैं, तर्क देता है कि एकीकरण विशिष्ट, गैर-राजनीतिक, तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग से शुरू होता है। जैसे-जैसे देश डाक सेवाओं,...