Q1. सामाजिक आंदोलनों की परिभाषा दीजिए और लोकतांत्रिक राजनीति में उनके महत्व को समझाइए। भारत से उपयुक्त उदाहरण दीजिए।
- सामाजिक आंदोलन सामूहिक, संगठित प्रयास हैं जो विशिष्ट सामाजिक या राजनीतिक परिवर्तन लाते हैं या रोकते हैं।
- वे अक्सर संस्थागत राजनीति के बाहर से काम करते हैं, लेकिन उसका लक्ष्य सरकारी नीतियों को प्रभावित करना होता है।
- लोकतंत्र में, आंदोलन हाशिए पर पड़े वर्गों को आवाज़ देते हैं और सरकार को जवाबदेह बनाते हैं।
- वे राजनीतिक एजेंडा तय करने, नए मुद्दों को सार्वजनिक बहस में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Answer: सामाजिक आंदोलन सामूहिक प्रयासों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो समाज या सरकार में कुछ विशिष्ट परिवर्तनों को लाने या रोकने के लिए एक साझा उद्देश्य और एकजुटता के साथ लोगों को एक साथ लाते हैं। इग्नू के MPSE-007 पाठ्यक्रम के अनुसार, ये आंदोलन अक्सर संस्थागत राजनीतिक चैनलों के बाहर से काम करते हैं, हालांकि वे अंततः उन चैनलों को प्रभावित करने का लक्ष्य रखते हैं। वे आमतौर पर समान विचारधारा वाले व्यक्तियों, समूहों और संगठनों का एक नेटवर्क होते हैं जो एक पहचान, साझा मूल्यों और सामाजिक न्याय या सुधार की इच्छा...