Q1. ज्योतिष शास्त्र के प्रमुख स्कन्धों का वर्णन कीजिए।
- ज्योतिष शास्त्र मुख्य रूप से तीन स्कन्धों: सिद्धांत, संहिता और होरा में विभाजित है (त्रयस्कन्ध)।
- सिद्धांत स्कन्ध खगोलीय पिंडों की गति और समय की गणितीय गणनाओं का आधार है।
- संहिता स्कन्ध सामूहिक घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं और राष्ट्रों के भविष्य की भविष्यवाणी करता है।
- होरा स्कन्ध व्यक्ति विशेष की जन्म कुंडली का विश्लेषण कर व्यक्तिगत भविष्यवाणियाँ करता है।
Answer: भारतीय ज्योतिष शास्त्र, जो वेदों के नेत्र के समान माना जाता है, एक अत्यंत प्राचीन और व्यापक ज्ञान प्रणाली है। इसकी संरचना को समझने के लिए इसे मुख्य रूप से तीन स्कन्धों (शाखाओं) में विभाजित किया गया है। ये स्कन्ध एक-दूसरे के पूरक होते हुए भी अपने-अपने विशिष्ट क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं, और इन तीनों के सम्यक ज्ञान के बिना पूर्ण ज्योतिषीय बोध असंभव है। ज्योतिष शास्त्र के इन प्रमुख स्कन्धों में सिद्धांत स्कन्ध, संहिता स्कन्ध और होरा स्कन्ध शामिल हैं। इन तीनों को सामूहिक रूप से 'त्रयस्कन्ध' भ...