Q1. राजशास्त्र के प्राचीन विचारकों का वर्णन कीजिए।
- प्लेटो ने 'दार्शनिक राजा' और 'आदर्श राज्य' की परिकल्पना की, जो न्याय पर आधारित था।
- अरस्तू को 'राजनीति विज्ञान का जनक' कहा जाता है; उन्होंने 'पॉलिटी' को सर्वश्रेष्ठ व्यावहारिक शासन बताया।
- अरस्तू ने सरकारों को 'सामान्य हित' और 'स्वार्थ' के आधार पर वर्गीकृत किया।
- कौटिल्य का 'अर्थशास्त्र' राज्य कला, प्रशासन और कूटनीति पर एक मौलिक ग्रंथ है।
Answer: प्राचीन राजनीतिक विचारकों ने राज-व्यवस्था और प्रशासन की नींव रखी, जिन्होंने राज्य की प्रकृति, शासन के सर्वोत्तम रूप, न्याय और नागरिकों के कर्तव्यों जैसे मौलिक प्रश्नों पर गहन चिंतन किया। इन विचारकों की धारणाओं ने सदियों तक राजनीतिक चिंतन को दिशा दी और आज भी प्रासंगिक हैं। भारत और पश्चिमी दुनिया दोनों में ऐसे कई महान विचारक हुए, जिनमें प्लेटो, अरस्तू और कौटिल्य प्रमुख हैं। **1. प्लेटो (Plato: 428/427 – 348/347 ईसा पूर्व)** प्लेटो, यूनानी राजनीतिक दर्शन के अग्रदूत और सुकरात के शिष्य, को पश्चिमी ...