Qखण्ड-1, Q1. वैदिक और आगमिक धर्मानुशासन का वर्णन कीजिए।
- वैदिक धर्म श्रुति (वेद) पर आधारित है, यज्ञ-प्रधान और वर्ण-व्यवस्था केंद्रित है।
- आगमिक धर्म स्मृति (आगम, तंत्र, पुराण) पर आधारित है, मूर्ति-पूजा और भक्ति-प्रधान है।
- वैदिक देवताओं में प्रकृति तत्व प्रमुख, आगमिक में व्यक्तिगत सगुण देवता (शिव, विष्णु, देवी)।
- वैदिक परंपरा में मोक्ष का विकास उपनिषदों से, आगमिक में भोग व मोक्ष दोनों पर बल।
Answer: धर्म एवं कर्म के विमर्श में वैदिक और आगमिक धर्मानुशासन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के दो महत्वपूर्ण एवं भिन्न आयाम प्रस्तुत करते हैं। ये दोनों धाराएँ अपने उद्भव, सिद्धांतों, अनुष्ठानों और सामाजिक दृष्टिकोण में भिन्नता रखते हुए भी भारतीय धर्म के विशाल ताने-बाने को समृद्ध करती हैं। MHN-005 पाठ्यक्रम में इनके गहन अध्ययन से धर्म की बहुआयामी प्रकृति स्पष्ट होती है। **वैदिक धर्मानुशासन** वैदिक धर्मानुशासन भारतीय धर्म का सबसे प्राचीन रूप है, जिसकी जड़ें वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद) में निह...