Q1. आदिकालीन साहित्य की पृष्ठभूमि का विवेचन कीजिए।
- आदिकालीन साहित्य (10वीं-14वीं सदी) राजनीतिक अस्थिरता, राजपूत संघर्ष और तुर्क आक्रमणों का साक्षी था।
- राजनीतिक अस्थिरता ने आश्रित कवियों द्वारा वीरगाथात्मक काव्य (जैसे पृथ्वीराज रासो) को जन्म दिया।
- धार्मिक रूप से सिद्ध, नाथ और जैन संप्रदायों का उदय हुआ, जो तंत्र, योग और उपदेशात्मक साहित्य का स्रोत बने।
- समाज सामंती, वर्ण-आधारित और युद्धग्रस्त था, जिसने वीरता और वैराग्य दोनों प्रवृत्तियों को बढ़ावा दिया।
Answer: आदिकालीन साहित्य, जिसे वीरगाथा काल के नाम से भी जाना जाता है, का समय सामान्यतः 10वीं शताब्दी के मध्य से 14वीं शताब्दी के मध्य तक माना जाता है। इस कालखंड की साहित्यिक प्रवृत्तियों को समझने के लिए इसकी व्यापक पृष्ठभूमि का विवेचन आवश्यक है, जिसमें राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक परिस्थितियाँ शामिल हैं। **राजनीतिक पृष्ठभूमि** आदिकालीन भारत राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष का काल था। हर्षवर्धन के बाद उत्तर भारत में कोई शक्तिशाली केंद्रीय सत्ता नहीं थी, जिसके कारण छोटे-छोटे राजपूत राज्...