Q1. मैथिलीशरण गुप्त की कविता में राष्ट्रीयता की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
- मैथिलीशरण गुप्त 'राष्ट्रकवि' के रूप में प्रतिष्ठित हैं, उनकी कविता राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
- उनकी कृति 'भारत-भारती' भारतीय गौरव, संस्कृति और अतीत का स्मरण कराती है, राष्ट्रीय आंदोलन की प्रेरक थी।
- राष्ट्रीयता केवल राजनीतिक नहीं, सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान, नारी सशक्तिकरण (यशोधरा, साकेत) पर भी केंद्रित थी।
- उन्होंने भारतीय इतिहास और पुराणों से प्रेरणा लेकर त्याग व नैतिक मूल्यों को कविताओं में दर्शाया।
Answer: मैथिलीशरण गुप्त को हिंदी साहित्य में 'राष्ट्रकवि' के रूप में प्रतिष्ठित किया जाता है, और उनकी कविताओं में राष्ट्रीयता की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। यह भावना केवल राजनीतिक स्वतंत्रता की आकांक्षा तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्थान का व्यापक दृष्टिकोण भी समाहित था। गुप्त जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से पराधीन भारत की जनता में आत्म-सम्मान और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। गुप्त जी की राष्ट्रीयता में अतीत के गौरव का ...