Q3. विभिन्न प्रकार के प्रतिबन्धी व्यापार आचरणों पर चर्चा कीजिए। उन परस्थितियो का उल्लेख कीजिए जिनके अंतर्गत प्रतिबन्धी व्यापार आचरण को अनुमति दी जानी चाहिए।
- प्रतिबन्धी व्यापार आचरण (RTPs) वे कार्य हैं जो स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा को बाधित करते हैं।
- मुख्य RTPs में कीमत निर्धारण, बाजार आवंटन, बोली धाँधली और बंधी हुई बिक्री शामिल हैं।
- शिकारी मूल्य निर्धारण और पुनर्विक्रय मूल्य रखरखाव भी सामान्य प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाएँ हैं।
- RTPs को दक्षता वृद्धि या सार्वजनिक हित में होने पर अनुमति दी जा सकती है।
Answer: व्यवसाय पर्यावरण के संदर्भ में, प्रतिबन्धी व्यापार आचरण (Restrictive Trade Practices - RTPs) वे कार्य हैं जो स्वतंत्र प्रतिस्पर्धा को बाधित या विकृत करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है। इन आचरणों का उद्देश्य आमतौर पर बाजार शक्ति प्राप्त करना, प्रतिस्पर्धा को कम करना या समाप्त करना, और उच्च लाभ सुनिश्चित करना होता है। भारत में, प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (Competition Act, 2002) ऐसे आचरणों को नियंत्रित करता है, जो एकाधिकार और प्रतिबंधात्मक व्यापार प्रथा अधिनिय...