Qखण्ड-1, Q1. प्रस्थानत्रयी पर निबन्ध लिखिए ।
- प्रस्थानत्रयी वेदान्त दर्शन के तीन आधारभूत ग्रंथ हैं: उपनिषद, भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र।
- उपनिषद (श्रुति प्रस्थान) ब्रह्म और आत्मा की एकता का प्रतिपादन करते हुए अलौकिक ज्ञान का प्रत्यक्ष स्रोत हैं।
- भगवद्गीता (स्मृति प्रस्थान) उपनिषदों के ज्ञान को व्यावहारिक कर्म, भक्ति और ज्ञान योग के माध्यम से प्रस्तुत करती है।
- MBG-007 का 'क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ योग' गीता के 13वें अध्याय से लिया गया है, जो आत्मा और शरीर के भेद को बताता है।
Answer: प्रस्थानत्रयी भारतीय दर्शन, विशेषकर वेदान्त दर्शन का आधारभूत स्तम्भ है। यह तीन प्रमुख ग्रंथों का एक संग्रह है जिन्हें वेदान्त के सिद्धांतों को समझने और उनके प्रामाणिक प्रतिपादन के लिए सर्वोच्च महत्व दिया जाता है। ये ग्रंथ श्रुति (उपनिषद), स्मृति (श्रीमद्भगवद्गीता) और न्याय (ब्रह्मसूत्र) की त्रिवेणी के रूप में ज्ञान के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत करते हैं। यह त्रयी केवल आध्यात्मिक सिद्धांतों का संकलन नहीं, बल्कि वेदान्त के गहन रहस्यों को व्यवस्थित रूप से उद्घाटित करने वाली मार्गदर्शिका भी है। शंक...