Q1. सूर्य तथा चन्द्रमा के दैविक स्वरूप पर विस्तृत लेख लिखिए।
- सूर्य और चन्द्रमा परमेश्वर की प्रत्यक्ष दैविक विभूतियाँ हैं, जैसा कि विभूतियोग में वर्णित है।
- सूर्य प्रकाश, ज्ञान, ऊर्जा, जीवन-शक्ति और आरोग्य का प्रतीक, 'ज्योतिषाम् आदित्यः' का दिव्य स्वरूप है।
- चन्द्रमा शीतलता, पोषण, मन, भावनाएँ और शांति का प्रतीक, 'नक्षत्राणामहं शशी' का दिव्य स्वरूप है।
- सूर्य वैदिक परंपरा में 'चक्षुः लोकस्य' और आध्यात्मिक जागृति का कारक माना जाता है।
Answer: IGNOU के पाठ्यक्रम MBG-005 'विभूतियोग' के अनुसार, सूर्य और चन्द्रमा केवल खगोलीय पिंड नहीं हैं, बल्कि वे परमेश्वर की विराट् विभूतियों में से एक हैं। विभूतियोग का तात्पर्य ईश्वर के उन दिव्य स्वरूपों या अभिव्यक्तियों का ज्ञान प्राप्त करना है, जिनके माध्यम से उनकी सर्वव्यापकता और ऐश्वर्य का अनुभव किया जा सके। सूर्य और चन्द्रमा इस ब्रह्मांड में ईश्वर की शक्ति, प्रकाश और जीवन-पोषण के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। भगवद्गीता के दशम अध्याय, जिसे विभूतियोग के नाम से जाना जाता है, में भगवान कृष्ण स्वयं अपनी अनेको...