Q1. भारत में विविधता के रूपों और आधारों का परीक्षण कीजिए।
- भारत की विविधता भौगोलिक, भाषाई, धार्मिक, जातीय, सांस्कृतिक और सामाजिक रूपों में प्रकट होती है।
- भाषाई विविधता में 22 आधिकारिक भाषाएँ और सैकड़ों बोलियाँ शामिल हैं, जैसे हिंदी, तमिल, बंगाली।
- धार्मिक विविधता में हिंदू धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म, सिख धर्म और बौद्ध धर्म प्रमुख हैं।
- जातीय विविधता विभिन्न आदिवासी समूहों (जैसे गोंड, भील) और प्रजातीय तत्वों (आर्य, द्रविड़) से बनी है।
Answer: भारत को अक्सर विविधताओं का देश कहा जाता है, जहाँ अनगिनत संस्कृतियाँ, भाषाएँ और जीवन-शैलियाँ एक साथ पनपती हैं। यह विविधता भारतीय समाज की एक मौलिक विशेषता है, जो इसे विश्व में अनूठा बनाती है। भारत में विविधता के रूप बहुआयामी हैं, जो इसे एक जीवंत और जटिल सामाजिक ताना-बाना प्रदान करते हैं। इन रूपों में भौगोलिक, भाषाई, धार्मिक, जातीय, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता प्रमुख हैं। प्रत्येक रूप देश के विभिन्न हिस्सों में विशिष्ट पहचान और जीवन शैली को दर्शाता है। **विविधता के रूप (Forms of Diversity)** *...