Q1(क).1. आयुर्वेद के अवतरण पर लेख लिखिए ।
- आयुर्वेद का आदि स्रोत भगवान ब्रह्मा को माना जाता है, जिन्होंने इसे एक लाख श्लोकों में संकलित किया।
- दिव्य परंपरा: ब्रह्मा से ज्ञान दक्ष प्रजापति, अश्विनी कुमारों, और फिर इंद्र तक पहुँचा।
- मानवीय अवतरण: इंद्र ने ज्ञान भारद्वाज ऋषि को, और फिर पुनर्वसु आत्रेय को प्रदान किया।
- कायचिकित्सा परंपरा: पुनर्वसु आत्रेय के शिष्य अग्निवेश ने 'अग्निवेश तंत्र' रचा, जिसे चरक ने 'चरक संहिता' बनाया।
Answer: आयुर्वेद, भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीनतम और समग्र चिकित्सा पद्धति है, जिसका अवतरण (उद्भव या वंशानुक्रम) मानव कल्याण हेतु एक सुनियोजित और दिव्य-मानवीय परंपरा के माध्यम से हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना और रोगी के रोगों को दूर करना है, जिससे मनुष्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चतुर्विध पुरुषार्थों को प्राप्त कर सके। यह ज्ञान अनादि काल से ही प्रवाहित होता आ रहा है। आयुर्वेद के अवतरण की प्रक्रिया दो प्रमुख धाराओं में वर्णित की जाती है: पहली 'दिव्य परंपरा' या ब्...