Q1. किण्वन प्रक्रम को प्रभावित करने वाले कारकों और आरंभिक संर्वधन के बनाने की विधि की व्याख्या कीजिए।
- किण्वन में तापमान, पीएच, लैक्टोज, सूक्ष्मजीव प्रकार, और निरोधात्मक पदार्थ प्रमुख नियंत्रक कारक हैं।
- एंटीबायोटिक अवशेष और बैक्टीरियोफेज किण्वन प्रक्रिया को गंभीर रूप से बाधित कर सकते हैं।
- लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया (LAB) की इष्टतम वृद्धि और एसिड उत्पादन के लिए सही तापमान महत्वपूर्ण है।
- मदर कल्चर शुद्ध कल्चर से तैयार एक छोटा, केंद्रित संवर्धन है, जो बल्क कल्चर का आधार बनता है।
Answer: किण्वन एक चयापचयी प्रक्रिया है जिसमें सूक्ष्मजीव (जैसे लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया) एंजाइमों का उपयोग करके कार्बनिक पदार्थों, विशेषकर दूध में लैक्टोज को लैक्टिक एसिड और अन्य यौगिकों में परिवर्तित करते हैं। यह प्रक्रिया डेयरी उत्पादों जैसे दही, पनीर और छाछ के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। किण्वन की सफलता और परिणामी उत्पाद की गुणवत्ता कई कारकों से प्रभावित होती है। **किण्वन प्रक्रम को प्रभावित करने वाले कारक:** **1. तापमान (Temperature):** तापमान किण्वन प्रक्रिया को सबसे अधिक प्रभावित करने वाला कारक...