Q1. संयुक्त या समूह, अपराध की देयता को निर्धारित करने वाले सिद्धातों का वर्णन, निर्णय विधियों की सहायता से कीजिए।
- संयुक्त देयता में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए अपराधों में प्रत्येक की जवाबदेही तय होती है।
- धारा 34 IPC: सामान्य आशय ('मस्तिष्क का मिलन') के साथ किए गए कार्य के लिए प्रत्येक सदस्य उत्तरदायी होता है।
- बरेंद्र कुमार घोष बनाम किंग सम्राट: धारा 34 के तहत सामान्य आशय के सिद्धांत को स्थापित किया।
- धारा 149 IPC: गैरकानूनी सभा के सामान्य उद्देश्य के लिए किए गए अपराध हेतु प्रत्येक सदस्य उत्तरदायी।
Answer: आपराधिक कानून में, जब कई व्यक्ति किसी अपराध में शामिल होते हैं, तो उनकी देयता को 'संयुक्त या समूह देयता' के सिद्धांतों द्वारा निर्धारित किया जाता है। ये सिद्धांत यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी दोषी पक्ष, चाहे उन्होंने अपराध को प्रत्यक्ष रूप से अंजाम दिया हो या नहीं, उनकी भूमिका और इरादे के अनुसार जवाबदेह ठहराए जाएँ। भारतीय दंड संहिता (IPC) ऐसे कई सिद्धांतों का प्रावधान करती है, जिनमें सामान्य आशय, सामान्य उद्देश्य, दुष्प्रेरण और आपराधिक षड्यंत्र प्रमुख हैं। **1. सामान्य आशय (Common Intention) - भ...