Q1. 21वीं सदी में अनुवाद की उपयोगिता एवं महत्व पर अपने विचार प्रकट कीजिए। अथवा अनुवाद का अर्थ स्पष्ट करते हुए अनुवाद के स्वरूप पर विचार कीजिए।
- अनुवाद एक भाषा से दूसरी भाषा में अर्थ, संदेश और भावों को समतुल्य रूप से पुनः प्रस्तुत करने की प्रक्रिया है।
- अनुवाद केवल शाब्दिक रूपांतरण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संदर्भ, भाषाई बारीकियों और संप्रेषण के उद्देश्य को बनाए रखता है।
- अनुवाद कला (सृजनात्मकता, शैली) और विज्ञान (भाषाई सिद्धांत, व्याकरणिक नियम) का एक जटिल संगम है।
- 21वीं सदी में भूमंडलीकरण, डिजिटल क्रांति और ज्ञान के तीव्र प्रसार के कारण अनुवाद की उपयोगिता अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है।
Answer: अनुवाद मानव सभ्यता के विकास और ज्ञान के प्रसार का एक अभिन्न अंग रहा है, लेकिन 21वीं सदी में इसकी उपयोगिता और महत्व में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अनुवाद केवल शब्दों का एक भाषा से दूसरी भाषा में रूपांतरण नहीं है, बल्कि यह भाषाओं, संस्कृतियों और विचारों के बीच सेतु का कार्य करता है। अनुवाद (Translation) शब्द 'अनु' (पीछे) और 'वाद' (कहना) से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ है 'किसी कही हुई बात को दुबारा कहना' या 'एक भाषा में कही गई बात को दूसरी भाषा में कहना'। अकादमिक रूप से, अनुवाद एक ऐसी प्रक्रिया...