Q1. भाषा के स्वरूप और प्रकृति पर विचार कीजिए। अथवा हिंदी भाषा और उसके विकास को रेखांकित कीजिए।
- भाषा विचारों के आदान-प्रदान हेतु उच्चरित ध्वनि प्रतीकों की एक व्यवस्थित प्रणाली है।
- भाषा प्रतीकात्मक होती है; शब्द वस्तु नहीं, बल्कि उसके सूचक होते हैं।
- भाषा यादृच्छिक है, ध्वनि और अर्थ के बीच कोई स्वाभाविक संबंध नहीं होता।
- भाषा परिवर्तनशील और विकासशील होती है, यह समय के साथ बदलती रहती है।
Answer: भाषा मानव सभ्यता का आधारभूत स्तंभ है, जो विचारों, भावनाओं और सूचनाओं के आदान-प्रदान का प्राथमिक माध्यम है। यह केवल ध्वनियों या अक्षरों का समूह नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित प्रणाली है जो व्यक्ति को समाज से जोड़ती है और ज्ञान के संचय तथा हस्तांतरण में सहायक होती है। इसके स्वरूप और प्रकृति को समझना भाषाविज्ञान और मानव संप्रेषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भाषा के स्वरूप की बात करें तो यह मुख्य रूप से 'उच्चरित ध्वनि प्रतीकों की एक व्यवस्था' है। इसका अर्थ है कि भाषा मूलतः मौखिक होती है और ध्वनि इकाइयो...