Q1. भारत में शिक्षा की संरचना और प्रबन्धन को भारतीय संविधान किस प्रकार आकार प्रदान करता है? व्याख्या कीजिए। अपने उत्तर में किन्हीं तीन संवैधानिक प्रावधानों (उदाहरण के लिए-प्रस्तावना से मार्गनिर्देशिका सिद्धान्त, एक अधिकार के रूप में शिक्षा, केन्द्र-राज्य उत्तरदायित्व) की परिचर्चा कीजिए और नीति और शैक्षिक अभिशासन (एजूकेशनल गवर्नेन्स) के लिए उनके निहितार्थों की व्याख्या कीजिए।
- संविधान की प्रस्तावना और नीति निदेशक सिद्धांत शिक्षा के लिए सामाजिक न्याय, समानता, और समावेशन का मार्गदर्शन करते हैं।
- अनुच्छेद 21A (86वां संशोधन) 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है।
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) अनुच्छेद 21A को कानूनी रूप देता है, स्कूलों और सरकार पर जवाबदेही डालता है।
- शिक्षा 42वें संशोधन द्वारा समवर्ती सूची में शामिल है, जिससे केंद्र और राज्यों की साझा जिम्मेदारी है।
Answer: भारतीय संविधान भारत में शिक्षा की संरचना और प्रबन्धन के लिए एक मजबूत और मार्गदर्शक ढाँचा प्रदान करता है। यह शिक्षा को एक मौलिक अधिकार और राज्य की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करता है, जिससे इसकी दिशा, पहुँच और गुणवत्ता निर्धारित होती है। संविधान के प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि शिक्षा एक समावेशी, न्यायसंगत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का आधार बने। **1. प्रस्तावना और राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy)** संविधान की प्रस्तावना 'न्याय, स्वतंत्रत...