Q1. निम्नलिखित वर्णनात्मक श्रेणी के प्रश्न का उत्तर लगभग 500 शब्दों में लिखें। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर का मान 20 अंक है।
- क)) रेखाचित्र देते हुए उत्पादन की तीन अवस्थायें बतायें। एक युक्त (rational)उत्पादक को प्रतियोगी दशाओं के अंतर्गत द्वितीय अवस्था के अंतर्गत उत्पादन क्यों करना चाहियें? (250 words)
- ख)) उत्पादन संभावना वक्र (PPC)क्या है? PPC वक्र किस प्रकार अर्थव्यवस्था के चयन की वस्तुओं को प्रदान करता है? (250 words)
- उत्पादन की तीन अवस्थाएँ परिवर्तनीय अनुपातों के नियम को दर्शाती हैं: बढ़ती, घटती और ऋणात्मक प्रतिफल।
- प्रथम अवस्था में MP और AP बढ़ते हैं, TP बढ़ती दर से बढ़ता है।
- द्वितीय अवस्था में MP और AP घटते हैं, TP घटती दर से बढ़ता है और MP=0 पर अधिकतम होता है।
- एक युक्त उत्पादक हमेशा द्वितीय अवस्था में उत्पादन करेगा क्योंकि यह संसाधनों के कुशल उपयोग को दर्शाता है।
Answer: व्यष्टि अर्थशास्त्र में उत्पादन और चयन के सिद्धांत महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं। उत्पादन की तीन अवस्थाएँ बताती हैं कि एक परिवर्तनीय कारक को स्थिर कारकों के साथ जोड़कर उत्पादन कैसे बदलता है। उत्पादन संभावना वक्र (PPC) अर्थव्यवस्था की सीमित संसाधनों के साथ विभिन्न वस्तुओं के उत्पादन की क्षमता को दर्शाता है, जिससे चुनाव और अवसर लागत के सिद्धांत स्पष्ट होते हैं। एक युक्त उत्पादक हमेशा द्वितीय अवस्था में उत्पादन करना चाहेगा क्योंकि यह संसाधनों के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करता है और अधिकतम लाभ की संभावना ...