Q1). दो-अवधि उपभोग मॉडल में उपभोक्ता के अधियान और उपभोग के इष्टतम स्तर का निर्धारण कैसे किया जाता है? स्पष्ट करें।
- दो-अवधि उपभोग मॉडल में उपभोक्ता वर्तमान और भविष्य के बीच आय आवंटित कर उपयोगिता अधिकतम करता है।
- निर्णय प्राथमिकताओं (उपयोगिता फलन) और अंतर-कालिक बजट बाधा पर आधारित होते हैं।
- अंतर-कालिक बजट बाधा: C₁ + C₂/(1+r) = Y₁ + Y₂/(1+r) है।
- इष्टतम उपभोग वहाँ होता है जहाँ सीमांत अंतर-कालिक प्रतिस्थापन दर (MRIS) = (1+r) होती है।
Answer: दो-अवधि उपभोग मॉडल उपभोक्ता को वर्तमान और भविष्य के बीच अपनी आय को आवंटित करने की अनुमति देता है, ताकि वह अपने अंतर-कालिक उपयोगिता को अधिकतम कर सके। इस मॉडल में, उपभोक्ता अपनी वर्तमान आय (Y₁) और भविष्य की आय (Y₂) के आधार पर वर्तमान उपभोग (C₁) और भविष्य के उपभोग (C₂) के इष्टतम स्तर का निर्धारण करता है। उपभोक्ता का अधियान (बचत) या उधार लेना इसी इष्टतम निर्धारण का परिणाम होता है। उपभोक्ता के निर्णय में दो मुख्य तत्व शामिल होते हैं: उसकी प्राथमिकताएँ (उपयोगिता फलन) और उसकी अंतर-कालिक बजट बाधा। प्रा...